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IPS Display क्या होता है

What is IPS LCD Display in Hindi:-


नमस्कार Smartphone में आए दिन कोई न कोई नई टेक्नोलॉजी आती रहती है. अक्सर जब आप Smartphone  के फीचर्स देखते होंगे तो स्क्रीन के मामले में कन्फ्यूजन जरूर होती होगी. इनमें TFT, IPS, OLED, AMOLED ,  कई तरीके की स्क्रीन का इस्तेमाल होता है. इनमें हर स्क्रीन की अपनी कुछ खूबियां होती हैं जो फोन को खास बनाती हैं. हम पहले है OLED और AMOLED डिस्प्ले के बारे में देख चुके हैं आज हम बात करने वाले हैं IPS Display के बारे में जो आजकल मोबाइल में लगाई जाती हैं।

IPS Display क्या है?


● Smartphone में इस्तेमाल होने वाली IPS डिस्प्ले का मतलब होता है इन प्ले स्विचिंग. इसमें कलर बाकि स्क्रीन से बेहतर होते हैं. यही वजह है कि यह स्क्रीन धूप में भी आसानी से दिखाई देती है। HITACHI और LG ने बेहतर कलर और एंगल जैसे फीचर के साथ बनाया है। IPS स्‍क्रीन में आप हर एंगल से साफ तस्‍वीर देख सकते हैं जबकि TFT और LCD में किनारे से देखना बेहद मुश्‍किल हो जाता है।

● IPS थोड़ी उन्नत स्क्रीन टेक्नोलॉजी है | 1980 में इसका आविष्कार मुख्य तौर पर ट्विस्टेड निमेटिक फील्ड इफेक्ट मैट्रिक्स (TN) LCD की खामियों को दूर कर एक बेहतर स्क्रीन विकल्प के रूप में किया गया था। आज के समय अधिकतर Smartphone निर्माता कम्पनी IPS डिस्प्ले का उपयोग अपने स्मार्टफोन के स्क्रीन में करती हैं।

IPS Display के Advantages:-


* IPS LCD में सभी कलर एक दम सही होते है सभी कलर अलग से दीखते है।

* धूप में भी स्क्रीन अच्छे से दिखाई देती है। और यूजर को सनलाइट में कोई परेशानी नहीं होती है।

* TFT Display पुराने फ़ोन में देखने को मिलती थी जिनके मुकाबले IPS Display बहुत ही अच्छी होती है। 

* हम इस डिस्प्ले में किसी भी एंगल से Video , Image आदि देख सकते हैं जो TFT में सम्भव नही था।

* इस डिस्प्ले की पिक्चर क्वालिटी भी बहुत अच्छी होती है।


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4K Resolution क्या है (Ultra HD)

What is 4K Display in Hindi



4k in hindi

नमस्कार जैसे जैसे समय बीतता जा रहा है वैसे वैसे नई नई टेक्नोलॉजी आ रही हैं कुछ में बदलाव किया जा रहा है तो कुछ में सुधार या कुछ नई खोज की जा रही है। जैसे LCD , LED , PLASMA , OLED , Amoled Display आदि का निर्माण हुआ और स्मार्टफोन , TV आदि में उनका उपयोग होने लगा। हमलोगों में से ज्यादातर लोग स्मार्टफोन यूजर हैं और वे ये जरूर जानते हैं कि उनके मोबाइल में कौन सा Display यूज़ किया गया है। जैसे LED , LCD या OLED आदि। और जो घर पर TV है उसमे कौन सा डिस्प्ले लगा है यह भी जानते हैं। आज हम आपको 4K डिस्प्ले के बारे में बताने वाले हैं तो आइए देखते हैं यह पोस्ट-

4K Resolution क्या है


● आपने 4K के बारे में कई बार सुना होगा अक्सर महंगी TV , मोबाइल के कवर बॉक्स पर देखा होगा Ultra HD 4K लिखा होता है। मूल रूप से 4K का मतलब नया डिस्प्ले रेजॉलूशन है, जिसे कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स में इस्तेमाल किया जाता है। 4K का मतलब 4096 x 2160 पिक्सल्स (टीवी के लिए 3840 x 2160) रेजॉलूशन से है। इसका रेजॉलूशन फुल HD (1920 x 1080 पिक्सल्स) से चार गुना होता है। इनका संदर्भ हॉरिजॉन्टल और वर्टिकल रूप से बिछे पिक्सल्स की संख्या से होता है, जो 1920 लेफ्ट से राइट और 1080 पिक्सल्स टॉप से बॉटम होते हैं। इन संख्याओं का गुणा करने से आपको पैनल पर मौजूद टोटल नंबर में पिक्सल्स मिलते हैं, जिनका इस्तेमाल इमेज जनरेट करने में होता है।

● अब अगर तकनीकी तौर पर देखा जाए तो 4K के दो मुख्य मानक हैं। पहला DCI 4K रेजोल्यूशन है जिसका पिक्सल रेजोल्यूशन 4096 × 2160 होता है। इसे ज्यादातर फिल्म और वीडियो प्रोडक्शन इंडस्ट्री में इस्तेमाल किया जाता है। इसका रेजोल्यूशन DCI 2K से दोगुना होता है। तो दूसरा UHD-1 है। इसे ultra-high-definition टेलिविजन (UHDTV) भी कहा जा सकता है। इसका रेजोल्यूशन 3840×2160 होता है। यह तकनीक टेलिविजन और वीडियो गेम्स में इस्तेमाल की जाती है।

What is 4k screen in hindi

●अगर इसको साधारण तरीके से समझना है तो बस आप इतना समझ लीजिए कि इसमे  FHD (FULL HD) से 4 गुना ज्यादा फिक्सल होते हैं। यहां पर कुछ  Resolution बताया गया है।

SD:- 720×576
HD:- 1280×720
Full HD :- 1920×1080
Quad HD :- 3840×2160
4K Ultra HD :- 4096×2160

● अगर आपके पास 4K Support करने वाला स्मार्टफोन या TV है तो आप SD , HD , FULL HD , QUAD HD ,  4K किसी भी टाइप का वीडियो चला सकते हैं। तो अगर आप TV या स्मार्टफोन खरीदने की सोच रहे हैं तो आप उसमे यह जरूर देख ले कि वह 4K सपोर्ट करता है कि नहीं।

● आज के समय मे 4K रेसोलुशन के स्मार्टफोन , 4K TV , 4K Camera , 4K Computer Monitor , तो आज के समय मे 4K हर जगह उपलब्ध है और समय के साथ साथ यह अन्य चीजों में यह टेक्नोलॉजी आएगी।

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2.5D Curved Glass क्या है

What is 2.5D Glass in Hindi


नमस्कार समय जैसे जैसे बीतता जा रहा है वैसे वैसे टेक्नोलॉजी और विकसित होती जा रही है। जहाँ पहले लोग कीपैड वाला मोबाइल यूज़ करते थे वही आज स्मार्टफोन यूज़ करते हैं। मोबाइल फोन में आए दिन नए प्रयोग होते रहते हैं। हालांकि तकनीक की शुरूआत यहां महंगे फोन से होती है लेकिन कुछ ही दिनों में वह तकनीक कम कीमत के फोन में उपलब्ध हो जाती है।

2.5D Glass kya hota hai

● जैसे-जैसे नए मोबाइल आते जा रहे हैं उनमें नई तकनीक आती जा रही है जैसे कि Capacitive Touch Screen और ग्लास Protection उसी के बीच में इनके Curved Glass की भी एक टेक्नोलॉजी बनाई गई है जिसमें की 2.5D, 3D Glass आपको देखने को मिलते हैं। 

● जब भी कोई नया मोबाइल लांच होता है अब तो मोबाइल बनाने वाली कंपनी उसमे जरूर Advertise करती है कि हमारे मोबाइल में 2.5 D Glass है लेकिन 2.5 D Glass क्या होता है? इसके क्या फायदे हैं? इसके बारे में हम इस पोस्ट में आपको बताएगें।

● पुराने फोन में जहां फ्लैट स्क्रीन का उपयोग होता था वहीं आज फोन कीमती हो या फिर सस्ता ज्यादातर फोन में 2.5डी कर्व्ड ग्लास का उपयोग किया जाता है। हाल में दिनों में आपने इस ग्लास तकनीक का काफी जिक्र भी सुना होगा। तो आइए देखते हैं 2.5D Glass क्या होता है.

2.5  D Curved Glass क्या होता है

● Curved का मतलब होता है थोड़ा घुमावदार या हिस्सा घुमा हुआ जैसे किसी चीज का हिस्सा साइड से थोड़ा घुमा हुआ हो। जहां फ़ोन डिसप्ले उसके बॉडी के साइड वाले हिस्से टच करता है वहां से Glass थोड़ा सा मुड़ा हुआ होता हैं. यह कर्वनेस 2.5D तक कि होती हैं।

2 5 D glass kya hai

● चुंकि फोन का पूरा डिसप्ले Curved नहीं होता ऐसे में साधारण आंखों से इसे पहचान नहीं सकते। जहां स्क्रीन और बॉडी मिलते हैं वहां पर आप गौर करेंगे तो पाएंगे कि डिसप्ले थोड़ा घुमावदार है। कुछ फोन में अब 3डी ग्लास का उपयोग भी होने लगा है। 3DCurved Glass 2.5D के अपेक्षा ज्यादा Curved होंगे।

● वर्ष 2011 में लॉन्च नोकिया लुमिया 800 में भी 2.5डी कर्व्ड डिसप्ले का उपयोग किया गया था इसके बाद अब कम दाम वाले Smartphone में भी इस तकनीक   का इस्तेमाल किया जा रहा है।

2.5 D Curved Glass के फायदे


● 2.5D Curved Display  का उपयोग स्क्रीन को चमदार या शार्प बनाने के लिए नहीं किया जाता है बल्कि यह डिजाइन का भाग है और इसका उपयोग फोन को खूबसूरत बनाने के लिए किया जाता है।

इसके उपयोग से आपके उंगलियों को मोबाइल की Edge का पता नहीं लगता है। जिससे कि आपको कोने में Swipe करने को में ज्यादा दिक्कत नहीं होती है।

● इसके अलावा 2.5D और 3D ग्लास के मोबाइल को इस्तेमाल करने में भी आसानी होती है। जब आप फ़ोन को पकड़ते है तो आपके हथेली में कही भी स्क्रीन चुभती नही हैं ये आपको बेहतर एहसास का अनुभव देती हैं।

● कुछ जानकार 2.5डी कर्व्ड ग्लास को साधारण स्क्रीन की अपेक्षा थोड़ा मजबूत भी मानते हैं। क्योंकि स्क्रीन को कर्व्ड बनाने की प्रक्रिया बेहद ही सख्त और मजबूत होती है और साधारण स्क्रीन इस प्रक्रिया में टूट जाएगी। इसलिए कर्व्ड को मजबूत भी माना जाता है।


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Amoled Display क्या है। ( Amoled Or Super Amoled Display)

What is Amoled Display



OLED DISPLAY KYA HAI

नमस्कार Display का इस्तेमाल लगभग हर कंप्यूटिंग डिवाइस में होता है जैसे - Computer , Smartphone , TV , Laptops आदि में जैसे जैसे टेक्नोलॉजी विकसित है वैसे वैसे Display में भी सुधार होता गया। हमने पिछली पोस्ट में LCD , LED , OLED डिस्प्ले के बारे में देखा था आज के पोस्ट में हम देखेंगे कि Amoled Display या Super Amoled डिस्प्ले क्या है।

Amoled Display क्या है:-


● AMOLED का पूरा नाम (Active Matrix Organic Light Emitting Diode है जो कि मोबाइल फ़ोन और अन्य डिवाइस में यूज़ होती है। यह डिस्प्ले OLED के मुकाबले अच्छी होती है।

● Amoled स्क्रीन OLED स्क्रीन से एडवांस है. इसका मतलब होता है एक्टिव मैट्रिक्स ऑर्गेनिक एलईडी. यह स्क्रीन प्रत्येक पिक्सेल को नियंत्रित करती है. इसमें ओलेड  डिसप्ले के सभी गुण हैं जैसे बेहतर रंग, चमक, फास्ट रिस्पांस, हल्का वजन और डिजाइन।

● AMOLED एक्टिव मैट्रिक्स ऑर्गेनिक लाइट एमिटिंग डायोड है। यह मोबाइल फोन और TV के लिए Next Generation  डिस्‍प्‍ले टेक्निक है| यह एलसीडी की तुलना में रिच कलर, शार्पर इमेज, कम पॉवर कन्‍जूमशन और अधिक पतली और हल्‍की है|

● यह डिस्प्ले Cathode layer, Organic active layers, से मिलकर बनती है। जिससे आपके स्मार्टफोन के फिक्सेल और अच्छे दिखाई देते हैं।
 
Amoled Display की विशेषता

जैसा कि हमने बताया यह एक बेतरीन खोज है जो बहुत ही बेहतरीन है यह बिजली की कम खपत करती है जिससे स्मार्टफोन के लिए यह एक अच्छी डिस्प्ले है।

AMOLED Display kya hai

यह एलसीडी की तुलना में रिच कलर, शार्पर इमेज, कम पॉवर कन्‍जूमशन और अधिक पतली और हल्‍की है| एमोल्‍ड स्‍क्रीन मैन्‍यूफैक्‍चर को सस्‍ती भी पड़ती हैं।

Super AMOLED in Hindi


इन दिनों हाई पिक्सेल रेजॉल्यूशन के साथ फोन में एचडी सुपर एमोलेड फोन दिखते हैं. लेकिन सैमसंग ने सुपर एमोलेड और सुपर अमॉल्ड प्लस स्क्रीन बनाया है. OLED स्मार्टफोन स्क्रीन सैमसंग बनाता है. दरअसल सुपर एमोलेड सैमसंग का अपने डिसप्ले को दिया नाम है। सुपर AMOLED को पारंपरिक AMOLED के मुकाबले बेहतर परफॉरमेंस हे लिए तैयार किया गया है| AMOLED की तुलना में सीधे धूप में देखे जाने पर सुपर AMOLED का परफॉरमेंस अच्‍छा है और यह ब्राइट इमेज को सपोर्ट करता है और पॉवर कम लगती है।


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Android mobile ko root kaise kare

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मोबाइल को ROOT करने का तरीका

आपने root का नाम तो सुना ही होगा। अगर आपको नहीं पता है की रुट क्या होता है तो आप इस पोस्ट को देखिये आप root के बारे में भी जान जायेगें और root करना भीसिख जायेगें। आप एंड्राइड फ़ोन को root
करने के बाद उसे अपने तरीके से चला सकते हैं उसका पूरा कंट्रोल आपको मिल जायेगा रुट करने पर।

android smartphone ko root kaise kare


सबसे पहले आप root क्या होता है ये जान ले और मोबाइल को root करने से होने वाले फायदे और नुकसान के बारे में भी जान ले क्योंकि आपकी थोड़ी सी भी गलती के कारण आपका मोबाइल खराब हो सकता है।

ROOT क्या होता है-

root करना यानि अपने मोबाइल को अपने हिसाब से मैनेज कर सकते हैं और अपने मोबाइल में अपने तरीके से बदलाव कर सकते हैं। मोबाइल में पहले से इंस्टॉल हुए ऍप्स (apps) को आप हटा सकते हैं। root करने के बाद आपको अपने मोबाइल पर पूरा कंट्रोल मिल जाता है। root करने के बाद जो पहले से OS एंड्राइड का सॉफ्टवेयर मोबाइल में होता है उसकी जगह नया उसके स्थान पर कस्टम (CUSTOM) एंड्राइड सॉफ्टवेयर हो जाता है।

ROOT करने से फायदा-

आइये सबसे पहले root करने के फायदे के बारे में जान लेते हैं।

1. आपके एंड्राइड मोबाइल में कई सारे ऍप्स पहले से ही मौजूद रहते हैं जिन्हें की आप हटा नहीं सकते और ये आपके मोबाइल की मेमोरी में भी जगह (स्पेस) घेरते हैं। अगर आपके मोबाइल में बहुत ज्यादा ऍप्स हो जायें तो
आपकी मोबाइल भी स्लो काम करने लगती है। आप मोबाइल को root करने के बाद उसमे से पहले से इंस्टॉल हुए एप्प को हटा सकते हैं इससे आपकी इंटरनल मेमोरी में स्पेस भी हो जायेगी और आपका मोबाइल फ़ास्ट वर्क भी करेगा।

2. root करने के बाद आप अपने मोबाइल पर पूरा कंट्रोल पा सकते हैं जिससे की अगर आपको एंड्राइड मोबाइल से समन्धित टेक्नॉलॉजि (TECHNOLOGY) के बारे में पता हो तो आप अपने मोबाइल का यूजर इंटरफ़ेस (USER INTERFACE) में बदलाव कर सकते हैं।

3. आप अपने मोबाइल की इंटरनल मेमोरी को भी बढ़ा सकते हैं यानि ROM को भी बढ़ा सकते हैं। इसकी जानकारी आपको अगले पोस्ट में दी जायेगी की root करने के बाद इंटरनल मेमोरी को कैसे बढ़ाया जाता है।

4. root करने पर आपके मोबाइल की बैटरी लाइफ भी बढ़ जाती है। मोबाइल पर आने वाले ads को भी हटा सकते हैं। और भी बहुत फायदे हैं root करने के बाद आप खुद समझ जायेगें।


ROOT करने से नुकसान-

मोबाइल root करने से फायदा तो है ही साथ ही साथ नुकसान भी है।

1. अगर आप अपने मोबाइल को root करते हैं तो उसकी warranty वारंटी ख्त्म् हो सकती है। बहुत सारी कंपनी ऐसी हैं जो की rooting allow नहीं करती। अगर आपका फोन warranty में है तो root करने के बाद वारंटी में समस्या आ सकती है।

2. root करने के बाद अगर आपने किसी पब्लिसर (PUBLISHER) एप्प अगर आप अपने मोबाइल में इंस्टॉल करतें हैं तो अगर आपके मोबाइल में वायरस अटैक होता हैतो उसके जिम्मेदार सिर्फ आप होगें।
3. अगर आप root करते समय सभी बातोंको ध्यान न रखकर मोबाइल को root करते हैं तो आपकी मोबाइल खराब हो सकती है। इसलिए आप मोबाइल को root करने से पहले सभी नियमों को ध्यान से देखें उसके बाद ही मोबाइल को रुट करें।

4. मोबाइल को root करने के बाद एंड्राइड का कोई भी नया वर्जन (LATEST VERSION) आपको फ़ोन की कंपनी द्वारा नहीं मिलेगी। आपको कस्टम (CUSTOM) वर्जन (VERSION) मिल सकता है जिसे आप अपने मोबाइल में इंस्टॉल कर सकते हैं।

ऊपर बताये गए फायदे और नुकसान को ध्यान में रखकर ही फ़ोन को root करें अगर आप अपने फ़ोन को root नहीं करना चाहते तो आप रहने दें अगर root करना चाहते हैं तो निचे देखें और मोबाइल को स्टेप बाई स्टेप root करें-

1ST STEP-

root करते समय आपके मोबाइल की बैटरी 60℅ चार्ज होनी चाहिए साथ ही साथ आप मैसेज और कांटेक्ट (CONTACT) का बैकप भी बना लें।

root करने के लिए आपको मोबाइल का unknown source को enable करना होगा। इसके लिए आप setting में जाएं और security में जाएं और वहां से unknown source को enable कर दें।

android smartphone ko root kaise kare

2ND STEP-

आप इनमे से किसी भी एप्लीकेशन को अपने मोबाइल में install करके मोबाइल को root कर सकते हैं-


3.  UNIVERSALROOT .APK
4. VROOT APK
6. CF ROOT APK

अगर आपको ये एप्प प्ले स्टोर पर नहीं मिलते हैं तो आप गूगल सर्च करके भी डाउनलोड कर सकते हैं।

हम यहाँ आपको FARMAROOT से मोबाइल root करने के बारे में बता रहें हैं। आप FARMAROOT एप्लीकेशन अपने मोबाइल में डाउनलोड करके इंस्टॉल करिए उसके बाद उसे खोलिए।

3RD STEP-


android smartphone ko root kaise kare

जब एप्प इंस्टॉल हो जाये तो Installsuperu आप्शन सेलेक्ट करें। और फिर Barahir वाले आप्शन पर क्लिक कर दें थोड़ी देर में आपका फ़ोन root हो जायेगा आप successes का मैसेज भी देख सकते हैं।

android smartphone ko root kaise kare

4RT STEP-

आप अपने मोबाइल को बंद करके फिर रीस्टार्ट करें आपका फ़ोन root हुआ या नहीं आप अपने मोबाइल में ROOT CHAKER एप्प को install करके देख सकते हैं। आप root chaker को प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं।

आप इन्हें भी देख सकते हैं-


अगर आप मोबाइल कंप्यूटर इंटरनेट की जानकारी हिंदी में पाना चाहते हैं तो हमसे फेसबुक ट्विटर और ईमेल के द्वारा निचे जाकर जुड़ें अगर आपको root करने में कोई दिक्कत आ रही हो तो आप कमेंट बॉक्स
 पूछ सकते हैं।

Android mobile ko kaise surkshit rakhe

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एंड्राइड फ़ोन को सुरक्षित रखने का तरीका


आज के समय में हर व्यक्ति के हाथों में एंड्राइड फ़ोन देखने को मिल जाता है। इसलिए ये कहना गलत ना होगा की एंड्राइड फ़ोन हमारे लिए एक जरूरत है। पर एंड्राइड फ़ोन को यूज़ करने का सही तरीका सभी लोगों को पता नहीं है। अगर आप एंड्राइड फ़ोन के यूजर हैं तो देखिये हमारी ये पोस्ट और जानिए की एंड्राइड फ़ोन को कैसे सुरक्षित रखा जाय।


1. APPS के लिए PLAY STORE का प्रयोग करें-

अगर आप एप्लीकेशन (APPLICATION) डाउनलोड करते हैं तो आप PLAY STORE के आलावा कहीं से भी एप्लीकेशन डाउनलोड ना करें। आपको अपने जरूरत के हिसाब से सभी एप्लीकेशन गूगल प्ले स्टोर पर आसानी से मिल जायेगी। और प्ले स्टोर की खास बात ये है की यह गूगल की ही सर्वीस है। और ये आपके मोबाइल में पहले से ही मौजूद रहती है। अगर आप एप्प्स को डाउनलोड करने के लिए किसी दूसरे सॉफ्टवेयर या साईट का प्रयोग करते हैं तो उसका प्रयोग करना बंद कर दीजिये क्योंकि उनमे वायरस भी हो सकते हैं जो की आपके कीमती मोबाइल को खराब कर सकते हैं। और आपके मोबाइल से डेटा भी चुरा लेते हैं जिसमे की आपको नुकसान ही नुकसान है।


2. ब्लूटूथ का उपयोग-

आप ब्लूटूथ को तभी ऑन करें जब की आपको इसकी जरूरत हो बिना जरूरत के ब्लूटूथ ऑन करना यानि वायरस के आने का न्योता देना। अधिकतर देखने को मिलता है कई लोग काम के लिए ब्लूटूथ ऑन तो कर देते हैं पर उसे ऑफ करना भूल जाते हैं। अगर आप भी उनमे सामिल हैं तो अगली बार जब भी आप ब्लूटूथ ऑन करें तो काम होने के बाद उसे तुरन्त ऑफ भी कर दें।


3. PASSWORD का प्रयोग करें-

हमेशा अपने एंड्राइड फ़ोन में पासवर्ड लगाकर रखें पासवर्ड थोड़ा मजबूत होना चाहिए। इतना की आपको याद रहे। अगर आप अपने मोबाइल में पासवर्ड के स्थान पर साधारण लॉक लगाते हैं तो आपका पर्सनल मैसेज या अन्य कोई डॉक्यूमेंट जो आप किसी को दिखाना नहीं चाहते तो कोई भी व्यक्ति आसानी से इसे
देख सकता है। अगर आपका फोन चोरी हो जाये तो इसे साधारण सा व्यक्ति आसानी से इसे देख सकता है। इसलिए आप अपने मोबाइल में पासवर्ड का प्रयोग जरूर करें।

4. ANTI VIRUS-

एंटी वायरस आपके मोबाइल फ़ोन के लिए कितना जरूरी है आप जानते होगें पर हम कुछ आपको बता देते हैं-

1. एंटीवायरस आपके मोबाइल में वायरस को आने से रोकता है।

2. एंटी वायरस से समय समय पर आप अपने मोबाइल को स्कैन कर सकते हैं।

3. एंटीवायरस आपको ये बताता है की किस फ़ाइल में वायरस है या होने की सम्भावना है ताकि समय रहते आप उससे निजात पा सकें।

4. कई सारे एंटीवायरस में ऐसी व्यवस्था है जिसके द्वारा मोबाइल के गुम होने या चोरी होने पर आप पता कर सकते हैं की आपकी मोबाइल कहाँ पर है।

5. एंटीवायरस आपको गलत एप्प यानि वायरस वाला एप्प डाउनलोड करने से पहले संकेत देता है की इससे आपके फ़ोन को नुकसान पहुच सकता है।


और भी कई खासियत है एंटीवायरस की जैसे बेकार पड़ी हुई फाइलों को हटाना आपके फ़ोन को फ़ास्ट बनाना आदि।



5. BATTERY-

आपके मोबाइल को पॉवर देने वाली यानि आपके मोबाइल को चलाने वाली बैटरी ही होती है। अगर बैटरी ना हो तो आपका मोबाइल कूड़ा जैसा है। इसलिए हम यहाँ बात कर रहे हैं बैटरी की लाइफ की। अधिकतर देखने को मिलता है की कई लोग ये समस्या बताते हैं की उनकी मोबाइल की बैटरी बहुत ही कम समय में खराब हो गयी है। या बहुत कम चलती है। पर वे अपने आप को जिम्मेदार नहीं ठहराते हैं। मैं मानता हूँ की कही ना कही आप ही इसके जिम्मेदार हैं। अगर आप अपने मोबाइल की बैटरी लाइफ को बढ़ाना चाहते हैं तो इन नियमो को देखें-

1. आप हमेसा अपनी मोबाइल उसी चार्जर से चार्ज कीजिये जो मोबाइल के कंपनी का हो या ओरिजिनल चार्जर का ही प्रयोग बैटरी चार्ज करने के लिए कीजिये।

2. मोबाइल को कभी नमी वाले स्थान पर मत रखिये।

3. बैटरी जब फुल चार्ज हो जाये तो चार्जर को निकाल दीजिये क्योंकि फुल चार्ज के बाद भी चार्जर लगाने से आपके फ़ोन की बैटरी की लाइफ कम हो जाती है।

4. जब बैटरी कम चार्ज हो यानि 15% तक तो आप मोबाइल में इंटरनेट का उपयोग मत कीजिये साथ ही साथ किसी से फ़ोन पर बात मत कीजिये और वीडियो म्यूजिक आदि मत देखिये या सुनिए।

5. जब बैटरी चार्ज हो रही हो तो जहाँ तक हो  सके आप उसमे भी इंटरनेट म्यूजिक आदि ना चलायें।

6. बिना काम से एप्प ना रखें-

आप अपने मोबाइल से ऐसे एप्लीकेशन को हटा दें जो की आपके काम के नहीं हैं। क्योंकि ये एप्प आपके मेमोरी स्पेस को कम करते हैं नतीजन आपका मोबाइल स्लो काम करने लगता है।

7. बड़े एप्प और गेम ना रखें-

अगर जुरूरत ना हो तो बहुत बड़ी साइज़ के एप्प अपने मोबाइल में ना रखें। इतना ही नहीं बड़े साइज़ के गेम खेलने पर भी आपका मोबाइल स्लो वर्क कर सकता है।

8. हमेसा रखें बैकअप-

आप अपने मोबाइल में बैकप बना कर रखें जिससे की अगर आपको कोई दूसरा मोबाइल लेना पड़े तो आप अपने डेटा को आसानी से दूसरे मोबाइल में भेज दें।

9. डिवाइस की जाँच-

आगर आप अपने मोबाइल में म्यूजिक गेम या वीडियो आदि लेने के लिए किसी शॉप पर जाते हैं तो ये जान ले की उनके कंप्यूटर में वायरस तो नहीं है। इतना ही नहीं अगर आप किसी और के फ़ोन से भी डेटा ले रहें हैं तो
उसकी जाँच भी कर लें।

10. CAMERA PASSWORD

अगर आप ये देखना चाहते हैं की आपके गैर मौजूदगी में किसने आपके मोबाइल के लॉक को खोलने की कोशिस की तो आप ये भी देख सकते हैं उस व्यक्ति का फ़ोटो भी आपके मोबाइल में आ जायेग.


आप इन्हें भी देख सकते हैं-




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